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BHDE -142 Question Paper June 2025 | IGNOU BHDE 142: राष्ट्रीय काव्यधारा Question Paper 2025

BHDE -142 Question Paper June 2025

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स्नातक उपाधि कार्यक्रम (सामान्य) / बी. ए. (ऑनर्स)

हिंदी (बी.ए.जी./बी.ए.एच.डी.एच)

सत्रांत परीक्षा जून, 2025

बी.एच.डी.ई-142: राष्ट्रीय काव्यधारा

समय: 3 घण्टे अधिकतम अंक:100

नोट : कुल पाँच प्रश्नों के उत्तर दीजिए। पहला प्रश्न अनिवार्य है।

1. निम्नलिखित काव्यांशों में से किन्हीं तीन की संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए :

(क) वे आर्य ही थे जो कभी अपने लिए जीते न थे,

वे स्वार्थ-रत हो मोह की मदिरा कभी पीते न थे।

संसार के उपकार हित जब जन्म लेते थे सभी,

निश्चेष्ट होकर किस तरह वे बैठ सकते थे कभी ?

(ख) इस शान्त समय में,

अंधकार को बेध, रो रही क्यों हो ?

कोकिला बोलो तो ! चुपचाप,

मधुर विद्रोह-बीज इस भाँति बो रही क्यों हो ?

कोकिला बोलो तो!

(ग) सिंहासन हिल उठे राजवंशों ने भकुटी तानी थी,

बूढ़े भारत में भी आई फिर से नयी जवानी थी,

गुमी हुई आजादी की कीमत सबन पहचानी थी,

दूर फिरंगी को करने की सबने मन में ठानी थी।

(घ ) मेरे नगपति ! मेरे विशाल ! रे,

रोक युधिष्ठिर को न यहाँ, जाने दे उनको स्वर्ग धीर,

पर, फिरा हमें गाण्डीव-गदा लौटा दे अर्जुन-भीम वीर।

कह दे शंकर से, आज करें वे प्रलय-नृत्य फिर एक बार।

सारे भारत में गूंज उठे,

(ङ) सच है विपत्ति जब आती है,

कायर को ही दहलाती है,

सूरमा नहीं विचलित होते,

क्षण एक नहीं धीरज खोते,

विघ्नों को गले लगाते हैं,

काँटों में राह बनाते हैं।

Bhde 142 paper june 2025 with answers

2. आधुनिक युग का वैचारिक आधार तैयार करने में भारतीय जीवन-दृष्टियों की भूमिका पर प्रकाश डालिए।

3. आधुनिक युग के राजनीतिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक संदर्भों पर प्रकाश डालिए।

4. राष्ट्रीय स्वाधीनता आन्दोलन के विकास को रेखांकित कीजिए।

5. माखनलाल चतुर्वेदी का परिचय देते हुए उनके काव्य के रचना-शिल्प की विशेषताओं को उ‌द्घाटित कीजिए।

6. ‘बालकृष्ण शर्मा ‘नवीन’ के काव्य में नवजागरण की अनुगूँज है।” इस कथन की समीक्षा कीजिए।

7. बालकृष्ण शर्मा ‘नवीन’ की राष्ट्रीय चेतना पर प्रकाश डालिए।

8. रामधारी सिंह ‘दिनकर’ के काव्य में अभिव्यक्त सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना को स्पष्ट कीजिए।

9. सुभद्राकुमारी चौहान की भाषाशैली पर प्रकाश डालिए।

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Arnav Kumar

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